चल मेरा घोड़ा, ये जीवन का रास्ता,
तेरी रफ्तार में हर क्षण का वास्ता।
चल मेरा घोड़ा, उस अंजान ठिकाने पर,
जहाँ छिपे हैं जीवन के राज सारे।
जहाँ धरती का अंत, आसमान की शुरुवात हो,
और हर परछाई में एक नई बात हो।
चल मेरा घोड़ा, बादलों के पीछे जा,
उनसे पूछ, उनकी अगली मंज़िल क्या है,
क्या बारिशें बनकर वो मुझ पे बरस जाएंगी,,
या फिर बिजली बन वो धमाके कर जाएंगी,…